राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य हैं, जिसकी जनसँख्या (वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर) 5.65 करोड़ हैं, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय की जनसँख्या 10.07 प्रतिशत अथार्त 56.89 लाख हैं, जिसमें मुस्लिम 47.88 लाख सिख 8.18 ईसाई 0.73 लाख एवं बौद्ध 0.10 लाख हैं|अब जैन समुदाय भी अल्पसंख्यकों में सम्मलित हो गया हैं जिसकी जनसँख्या २००१ की जनगणना के अनुसार 6.50 lakh हैं| अल्पसंख्यक समुदाय में साक्षरता दर कम होने, बच्चों की जन्म मृत्यु दर अपेक्षाकृत अधिक होने रोजगार के अवसर कम होने के कारण ये विकास की मुख्य धारा में पिछड़े हुए हैं, अतः इनके चहुमुखी विकास एवं उत्थान के लिए शिक्षा स्वास्थय रोजगार आर्थिक एवं सामाजिक स्तर के क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य कराये जाने के लिए राज्य सरकार ने अपने बजट भाषण वर्ष २००१-१० में अल्पसंखयकों (मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध, व् पारसी ) के लिए कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी, उनकी समस्याओं व् शिकयतों के निदान हेतु केंद्र सरकार की तर्ज पर अल्पसंख्यक मामलात विभाग की घोषणा की तथा दिनांक 29.12.2009 की मंत्रिमंडल सचिवालय की अधिसूचना के आधार पर विभाग का गठन किया जा चुका हैं |